जाति पूछकर कमरा देने से इनकार: बिहार के सीतामढ़ी में मेरी अपनी आपबीती


यह सच्ची घटना हैं जो मेरे साथ हुआ हैं, 11.05.2026 की बात है। मैं पटना से लौटकर सीतामढ़ी में Competitive की तैयारी को लेकर सीतामढ़ी में रूम लेने गया दिन 10am से शाम 4pm हो गया और थक कर एक यादव लॉज में गया उन्होंने रूम देने को राजी तो हो गया लेकिन उनका रूम मुझे पसंद नहीं हुआ आगे बढ़े तो एक रूम के लिए एक रूम मालिक बोला मेरे पास रूम खाली है हम बोले मुझे अकेला रहना है तो मुझे सिंगल बेड चाहिए उन्होंने बोला हम रूम लगाते हैं, तो मैने बोला एक रूम का चार्ज कितना है? उन्होंने बोला 2500rs लेंगे बोलिए रूम देखना हैं अभी मैंने बोला हां चलिए रूम देखते कैसा है? उसने घर का पता पूछा सब कुछ मैने अपना जानकारी उसे दे दिया। तब मेरा नाम पूछते हैं - मैने बोला हरिनारायण फिर दुबारा उन्होंने बोला पूरा नाम हम जान गए ये तो जात जानना चाहते हैं? मैंने पूरा नाम बताया हरि नारायण पासवान फिर उसने मुकर गया तुरंत बोलने लगे देखिये ना ये रूम तो लग गया हैं आप दूसरा रूम देख लिजिए। मैंने वहाँ से उदास होकर चल दिया अब बताओ भाई ये मेरा पूरा आप बीती तो आप पढ़ लिए लाइक और कमेंट, शेयर भी कर के जाना । Sc hu भाई लाइक नहीं करेंगे ... बाबा साहेब जी जाति भेदभाव को लेकर ही आरक्षण की व्यवस्था की हैं। जब तक जाति रहेगी आरक्षण रहेगा
जय जय जय जय भीम। जय संविधान।।

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